प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती महिलाओं को सरकार 5,000 रुपये दे रही है जाने सम्पूर्ण जानकारी-pradhanmantri matru vandana yojana

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महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा एक मातृत्व लाभ कार्यक्रम जिसमें पहले जीवित जन्म के लिए 19 वर्ष या उससे अधिक आयु की गर्भवती महिलाओं को 5000/- रुपये का नकद प्रोत्साहन दिया जाता है। प्रोत्साहन तीन किस्तों में प्रदान किया जाता है और 150 दिनों, 180 दिनों और प्रसव के समय के भीतर दावा किया जाना है।

फॉर्म कैसे भरना डाक्यूमेंट्स क्या क्या लगेंगे सभी के बारे में डिटेल्स में जानकारी देंगे इस पोस्ट में आपके लिए

प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के अंतर्गत वर्ष 2017-18 में इस योजना के प्रारंभ होने से लेकर 02.12.2023 तक 3.59 करोड़ से अधिक लाभार्थियों का नामांकन किया गया है। इसके अलावा, उपर्युक्त अवधि के दौरान, 3.21 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को 14,428.35 करोड़ रुपये (केंद्र और राज्य दोनों के हिस्से सहित) से अधिक के मातृत्व लाभ वितरित किए गए हैं।

पीएमएमवीवाई के अंतर्गत, लाभार्थियों के आधार का प्रमाणीकरण यूनिक आइडेंटीफिकेशन ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के साथ जुड़ी बैक एंड में एक डिजिटल प्रक्रिया द्वारा पंजीकरण के समय किया जाता है और इसके लिए लाभार्थी को कोई भी प्रयास करना अपेक्षित नहीं है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि भुगतान राशि हमेशा वांछित लाभार्थी के पास जाती है। आधार से संबंधित अस्वीकृति केवल तभी होती है जब आवेदक द्वारा दिए गए विवरण और यूआईडीएआई डेटाबेस के बीच कोई मिलान नहीं होता है। पति का आधार देने की अनिवार्यता को भी हटा दिया गया है।

प्रधान मंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) का उद्देश्य :

काम करने वाली महिलाओं की मजदूरी के नुकसान की भरपाई करने के लिए मुआवजा देना और उनके उचित आराम और पोषण को सुनिश्चित करना। गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य में सुधार और नकदी प्रोत्साहन के माध्यम से अधीन-पोषण के प्रभाव को कम करना।

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पीएमएमवीवाई के अंतर्गत ये लाभ बच्चे के जन्म के समय अनौपचारिक क्षेत्र की महिलाओं सहित समाज के सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्ग की 19 वर्ष, से लेकर 55 वर्ष के आयु वर्ग की गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए उपलब्ध हैं।

योजना के लाभ

इस योजना से गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पहले जीवित बच्चे के जन्म के दौरान फायदा होगा। योजना की लाभ राशि DBT के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे भेज दी जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार निम्नलिखित किश्तों में राशि का भुगतान करेगी।
पहली किस्त: 1000 रुपए गर्भावस्था के पंजीकरण के समय
दूसरी किस्त: 2000 रुपए,यदि लाभार्थी छह महीने की गर्भावस्था के बाद कम से कम एक प्रसवपूर्व जांच कर लेते हैं ।
तीसरी किस्त: 2000 रुपए, जब बच्चे का जन्म पंजीकृत हो जाता है और बच्चे को BCG, OPV, DPT और हेपेटाइटिस-B सहित पहले टीके का चक्र शुरू होता है ।

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) निम्न श्रेणी के गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए लागू नहीं होगी।
1. जो केंद्रीय या राज्य सरकार या किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के साथ नियमित रोजगार में हैं।
2. जो किसी अन्य योजना या कानून के तहत समान लाभ प्राप्तकर्ता हैं।

पीएमएमवीवाई के तहत दूसरे बच्चे के लिए 6,000 रुपये का मातृत्व लाभ भी प्रदान किया जाता है, बशर्ते दूसरा बच्चा लड़की हो ताकि जन्म से पहले लिंग चयन को हतोत्साहित किया जा सके और लड़की को बढ़ावा दिया जा सके।

पात्रता

आवेदक एक महिला होनी चाहिएआवेदक को गर्भवती होना चाहिए

आवेदक को नियोजित किया जाना चाहिए और गर्भावस्था के कारण मजदूरी के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है

आवेदक की आयु 19 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिएयह योजना केवल पहले जीवित जन्म के लिए लागू है।

आवेदन प्रक्रिया

सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के लिए आवेदन प्रक्रिया को एक मोबाइल ऐप और एक समर्पित पोर्टल (पीएमएमवीवाईसॉफ्ट एमआईएस) की शुरुआत करके पूर्णतया डिजिटाइज़ कर दिया है, जिससे आवेदन की प्रक्रिया पेपरलेस हो गई है। पीएमएमवीवाई-सॉफ्ट एमआईएस का यूआरएल https://pmmvy.wcd.gov.in है। ऑनलाइन आवेदन पत्र सरल और समझने में आसान है, जो एक सुसंगत और सीधी प्रक्रिया सुनिश्चित करता है। आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियां (एडब्ल्यूडब्ल्यू) मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) मोबाइल ऐप या पीएमएमवीवाईसॉफ्ट एमआईएस पर ऑनलाइन लाभार्थियों के फॉर्म भरती हैं। इसके अलावा, पीएमएमवीवाईसॉफ्ट एमआईएस पर लाभार्थी के स्व-पंजीकरण का प्रावधान किया गया है ताकि लाभार्थी या लाभार्थी की ओर से कोई व्यक्ति पीएमएमवीवाईसॉफ्ट एमआईएस पर पंजीकरण कर सके।

पीएमएमवीवाई के तहत सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में आवधिक आधार पर पात्र लाभार्थियों के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान भी चला रहा है। मंत्रालय पात्र लाभार्थियों तक पहुंच बनाने के लिए सोशल मीडिया पोर्टल का भी उपयोग करता है। लाभार्थियों के नामांकन के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों/प्रत्यायित सामाजिक स्वास्थ्य कर्मी (आशा) को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है जो यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि स्कीम का लाभ सभी पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे।

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